Monday, 25 November 2019

सावधान:एटीएम कार्ड स्लॉट में कुछ भी संदिग्ध दिखे, तो राशि न निकालें


👉 *इन 8 बातों का रखें खयाल*
👉 *साइबर क्राइम की शिकायतों में 45% का इजाफा*

*अहमदाबाद*:शहर में साइबर क्राइम के अपराधों में 45 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है। हाल ही में नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो ने वर्ष 2017 की रिपोर्ट जारी की है। जिसमें यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। 2016 में साइबर क्राइम की 77 शिकायतें दर्ज की गई थीं, जो 2017 में बढ़कर 112 तक पहुंच गई। इस मामले में अहमदाबाद राज्य में सबसे आगे है।

*दूसरे नम्बर पर है सूरत*
अहमदाबाद के बाद दूसरे नम्बर पर है सूरत। ब्यूरो के रिकॉर्ड के अनुसार राज्य में पिछले दो सालों में साइबर क्राइम की शिकायतों में 90 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है। इसमें ऑनलाइन धोखाधड़ी मुख्य है। इसमें एटीएम में क्लोनिंग, वन टाइम पासवर्ड हथियाने और गलत तरीके से राशि निकालने की शिकातयों का समावेश किया गया है। 2015 में इस तरह की 242 शिकायतें दर्ज की गई थीं। 2017 में यह बढ़कर 458 हो गई। इस तरह से दो साल में 90 प्रतिशत शिकायतें बढ़ गई। लोग धोखाधड़ी के शिकार न हों, इसके लिए विशेषज्ञों ने कई सलाह दी है। साइबर अपराधी आपके पसीने की कमाई को लूटकर न ले जाएं, इसके लिए एफएसएल के विशेषज्ञों ने कुछ सलाह दी है, जिसे हर किसी को अमल में लाना चाहिए।

*अलग-अलग एटीएम का उपयोग टालें*
राशि निकालने के लिए अलग-अलग एटीएम का उपयोग टालना आवश्यक है। कारण यह है कि यह भी हो सकता है कि किसी एटीएम में कैमरा या स्क्रिमिंग मशीन गोपनीय रूप से लगा दी गई हो। जहां से आप अक्सर राशि निकालते हैं, वहीं से निकालना उचित होता है।

*एटीएम कार्ड डालने के पहले स्लाॅट चेक करें*
एटीएम से राशि निकालने के पहले कार्ड डालने का स्लॉट विशेषरूप से चेक कर लें। इस स्लॉट की डिजाइन में यदि कुछ बदलाव दिखाई दे, तो सचेत हो जाएं। इस तरह के स्लॉट के आसपास लगाई गई चीप आपके कार्ड और पिन का नम्बर कॉपी हो जाता है। इसमें सूक्ष्म कैमरा लगा होता है। मोबाइल पर आने वाली किसी भी अनजानी लिंक को न खोलें। लुभावने ऑफर देने वाली लिंक के बहकावे में बिलकुल भी न आएं। क्योंकि क्लिक करते ही आपके डेटा चोरी हो जाएंगे। इस तरह का कोई मेल भी आए, तो उसे वेरिफाई अवश्य करें।

*कोई भी एप सावधानी से करें डाउनलोड*
अनजाने नाम से आने वाली एप या गेम डाउनलोड कभी न करें। ऐसे एप स्टोर करते समय यह देख लें कि एप या गेम की सच्चाई जान लें। एप डाउनलोड हो जाए, तो आपके मोबाइल में होने वाले बैंक के डेटा की चोरी हो सकती है। ऑनलाइन शॉपिंग में डोमेन नेम चेक करो। ऑनलाइन शॉपिंग करते समय यह ध्यान रखे कि किसी भी कंपनी का नाम डोमेन से आगे ही होता है। उदाहरण के लिए www.companyname.com होना चाहिए। किंतु यदि www.companyname.xyz.com कभी नहीं हो चाहिए। नेट बैंकिंग के एप अपडेट करते रहें, मोबाइल से नेट बैंकिंग करते समय विशेष ध्यान रखे कि बैंक समय-समय पर एप भेजती रहती है, उसे अपडेट करते रहें। पुराने एप को लगातार चालू रखने से डेटा चोरी होने का जोखिम बढ़ता है। अपडेट हुए ऐप में बैंक द्वारा बरती गई सावधानी होने से जोखिम कम होता है।

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